पश्चिम एशिया (West Asia) में गहराते युद्ध और ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच भारत सरकार ने अपनी तैयारियों को चाक-चौबंद करना शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम 6:30 बजे सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक (Video Conferencing) करेंगे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य वैश्विक उथल-पुथल से भारतीय अर्थव्यवस्था और आम जनता को सुरक्षित रखना है।
‘टीम इंडिया’ के जज्बे के साथ मुकाबला
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री इस संकट की तुलना कोविड-19 महामारी के दौर से कर रहे हैं। उन्होंने हाल ही में संसद में कहा था कि जिस तरह देश ने एकजुट होकर महामारी को हराया था, उसी ‘टीम इंडिया’ भावना के साथ हमें इस वैश्विक ऊर्जा संकट और सप्लाई चेन की बाधाओं का सामना करना होगा।
बैठक के 5 मुख्य एजेंडे:
- ईंधन और LPG की सुरक्षा: होरमुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने से तेल और गैस की आपूर्ति पर असर पड़ा है। बैठक में राज्यों को निर्देश दिया जा सकता है कि वे ईंधन की जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त नजर रखें।
- आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई चेन: युद्ध के कारण खाद (Fertilizers) और अन्य आयातित वस्तुओं की कीमतों में उछाल की संभावना है। केंद्र और राज्य मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि जरूरी सामानों की कमी न हो।
- भारतीय नागरिकों की सुरक्षा: खाड़ी देशों में लाखों भारतीय कार्यरत हैं। उनकी सुरक्षा और जरूरत पड़ने पर ‘इवेकुएशन प्लान’ (निकासी योजना) पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।
- महंगाई पर लगाम: वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें $120 प्रति बैरल के पार पहुँचने से बढ़ती महंगाई को रोकने के लिए वित्तीय उपायों पर मंथन होगा।
- अफवाहों का खंडन: सोशल मीडिया पर ‘लॉकडाउन’ और ‘ईंधन की भारी कमी’ जैसी चल रही फर्जी खबरों को रोकने के लिए राज्यों को जागरूकता अभियान चलाने को कहा जा सकता है।
चुनावी राज्यों को छूट
आदर्श चुनाव आचार संहिता (Model Code of Conduct) के कारण पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल नहीं होंगे। इन राज्यों के मुख्य सचिवों (Chief Secretaries) के साथ कैबिनेट सचिवालय अलग से समन्वय करेगा ताकि प्रशासनिक तैयारियां प्रभावित न हों।
सात अधिकार प्राप्त समूहों का गठन
सरकार ने पहले ही ईंधन, रसद (Logistics), और मुद्रास्फीति प्रबंधन जैसे प्रमुख क्षेत्रों की निगरानी के लिए सात अधिकार प्राप्त समूह (Empowered Groups) बनाए हैं। आज की बैठक इन समूहों द्वारा तैयार की गई रणनीतियों को जमीनी स्तर पर लागू करने का ब्लूप्रिंट तैयार करेगी।





